Kavi Ranveer charan
Sunday, 3 June 2018
इश्क का सिलसिला चल रहा आजकल
----आप पर लिखने का प्रयास -----
इश्क का सिलसिला चल रहा आजकल
ख्वाब दिल में मिरे पल रहा आजकल
बातें तो रोज होती है घंटो तलक
वादा मिलने का पर टल रहा आजकल
®© कवि-रणवीर चारण "रूदाक्ष"
भदौरा नागौर राजस्थान 9680745147
No comments:
Post a Comment
Newer Post
Home
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment