दुनिया थके न दिन गिन-गिन
ऐसा हो बस यार जन्मदिन।
छुट्टी जैसे आज मनी है
बस ऐसे ही आए हर बार जन्मदिन।
इस ग्रुप में सब शायर हैं
तो रोज़ मने ये त्यौहार जन्मदिन।
पंकज (छैलू) जी हो तूम्हे मुबारक
पहले से बेहतर हो हरबार जन्मदिन।
मुंह मीठा हो आज हम सभी का
आपका है दिलदार, जन्मदिन।।
आपका भाई -कवि-रणवीरसिंह चारण